शिलाजीत क्या है?, शिलाजीत के फायदे हिंदी में hindi, (What is Shilajit?) Shilajit in premature ejaculation, shilajit uses

शिलाजीत क्या है?

शिलाजीत एक चिपचिपा पदार्थ है जो मुख्य रूप से हिमालय की चट्टानों में पाया जाता है।

शिलाजीत का उपयोग आमतौर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा में किया जाता है। यह बहुत  प्रभावी और सुरक्षित, है जो आपके संपूर्ण स्वास्थ्य  पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

आइये शिलाजीत का उपयोग करने के तरीकों पर एक नज़र डालते हैं।

शिलाजीत के फायदे

1 . कम टेस्टोस्टेरोन Low testosterone (low-T)
 - (टेस्टोस्टेरोन एक हॉर्मोन है जो पुरुषों के अंडकोष में पैदा होता है. आमतौर पर इसे मर्दानगी के रूप में देखा जाता है)

टेस्टोस्टेरोन एक प्राथमिक पुरुष सेक्स हार्मोन है, लेकिन कुछ पुरुषों में दूसरों की तुलना में इसका स्तर कम होता है। कम टेस्टोस्टेरोन के कारन शीघ्रपतन, लिंग में ढीलापन, शुक्राणुों का कम होना,कामोतेजना का कम होना, बाल झड़ना, मांसपेशियों का नुकसान, थकान, शरीर में मोटापा आना आदि शामिल है।
एक अध्ययन में जिन प्रतिभागियों को शुद्ध शिलाजीत की  खुराक  लगातार 90 दिनों  के लिए दी गयी उनका टेस्टोस्टेरोन का स्तर दूसरे पुरुषों की तुलना में काफी अधिक था।

2 .  भूलने की बीमारी (अल्जाइमर) Alzheimer's -
अल्जाइमर रोग स्मृति, व्यवहार और सोच के साथ समस्याओं का कारण बनता है।  लेकिन शिलाजीत की आणविक संरचना के आधार पर, कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत अल्जाइमर  को बढ़ने से  रोक सकता है या धीमा कर सकता है।

शिलाजीत का मौलिक भाग एक एंटीऑक्सिडेंट (एंटीऑक्सीडेंट इन अतिरिक्त बैक्टीरिया को नष्ट कर हमारे शरीर को रोगमुक्त और स्फूर्तिवान बनाए रखने में मदद करता है)

3. क्रोनिक थकान सिंड्रोम Chronic syndrome- -(बीमारी जिसमें मरीज अत्यधिक थकावट महसूस करता है )
क्रोनिक थकान सिंड्रोम (सीएफएस) एक दीर्घकालिक स्थिति है जो अत्यधिक थकान या थकान का कारण बनती है। सीएफएस माइटोकॉन्ड्रियल डिसफंक्शन के साथ जुड़ा हुआ है। यह तब होता है जब आपकी कोशिकाएँ पर्याप्त ऊर्जा का उत्पादन नहीं करती हैं। इसके  चलते रोज़मर्रा के काम करने  में मुश्किल आ सकती है और रोजमर्रा की गतिविधियां चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत की खुराक  क्रोनिक थकान सिंड्रोम (CFSके लक्षणों को कम कर सकती है और ऊर्जा को बनाए रख सकती है।

4. बुढ़ापा बढ़ने की रफ़्तार को धीमा करता है-
चूंकि शिलाजीत एक मजबूत एंटीऑक्सिडेंट  है, इसलिए यह महत्वपूर्ण  कणों और कोशिकाओं की क्षति  होने को रोकता है। नतीजतन, शिलाजीत के नियमित उपयोग से  उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

6.  आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया Anemia-
शरीर में कम लोहे के आहार लेने के चलते खून की कमी हो सकती है जिससे थकान, दुर्बलता, ठंडे हाथ और पैर, सरदर्द, अनियमित दिल की धड़कन आदि से एनीमिया  (Anemia) के लक्षण दिखाई देते हैं। लोहे की कमी से आने वाली इस स्तिथि में शिलाजीत आयरन की कमी और सुधार में एक महत्वपूर्ण योगदान देती है।

7. पुरुष प्रजनन क्षमता में कमी  (पुरुष बांझपन) Male infertility-
शिलाजीत पुरुष बांझपन को रोकने में भी सक्षम  है। एक अध्ययन में पाया गया जिन पुरुषों के एक समूह ने भोजन के बाद 90 दिनों के लिए दिन में दो बार शिलाजीत लिया गया उनके  शुक्राणुुओं  की क्षमता में गतिशीलता में वृद्धि हुई।

8 . दिल (हृदय ) HEART के लिए लाभदायक -

शिलाजीत हृदय स्वास्थ्य में भी सुधार कर सकता है।
परन्तु अगर आप पहले से ही हृदय सम्बंदि किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो उस स्थिति में शिलाजीत का प्रयोग ना करें।

शिलाजीत के (दुष्प्रभाव) साइड इफेक्ट्स (SIDE EFFECTS) 

हालांकि यह जड़ी-बूटी प्राकृतिक और सुरक्षित है, लेकिन आपको कच्चे या बिना पके हुए शिलाजीत का सेवन नहीं करना चाहिए। कच्चे शिलाजीत में भारी लोह धातु (iron), फंगस और अन्य दूषित तत्व हो सकते हैं जो आपको बीमार कर सकते हैं। सेवन  करने से पहले सुनिश्चित करें कि शिलाजीत शुद्ध हो और उपयोग के लिए तैयार हो।
जैसे के हम जानते हैं हर इन्सान एवं उसका शरीर एक सामान नही होता उस प्रकार कुछ इंसानो में शिलाजीत से एलर्जी होना देखा गया है, इसके सेवन के दौरान अगर आपको एलर्जी, दिल की धड़कन में वृद्धि, या चक्कर आते हैं तो तरुंत शिलाजीत लेना बंद कर दें।

शिलाजीत तरल और पाउडर दोनों रूपों में उपलब्ध है। इसे आप मटर के आकार के हिस्से जितना दिन में दो बार दूध के साथ ले सकते हैं।

और शिलाजीत लेने से पहले अपने डॉक्टर से भी बात कर सकते हैं।

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